Competition exam, science, maths, general knowledge, motivational quotes, study materials, study zone

बुधवार, 7 अप्रैल 2021

भौतिक राशियाँ|मूल राशियाँ व व्युत्पन्न राशियाँ|fundamental and derived quantities

भौतिक राशियाँ|मूल राशियाँ व व्युत्पन्न राशियाँ|fundamental and derived quantities

आज की इस पोस्ट में हम पढेंगे physics के महत्वपूर्ण टॉपिक भौतिक राशियाँ(मूल व व्युत्पन्न राशियाँ) किसे कहते हैं, परिभाषा तथा मूल राशियों के मात्रक|

मापन की आवश्यकता क्यों होती है(mapan Ki avashyakta Kyon hoti hai) :

हमारी ज्ञानेन्द्रियाँ केवल भौतिक राशियों का तुलनात्मक अध्ययन ही कर सकती है| उदाहरण के लिए दो छड़ों को देखकर हम केवल यही बता सकते हैं कि कौन-सी छड़ अधिक लंबी है तथा कौन सी छोटी| हम उनकी सही लंबाई नहीं बता सकते हैं|

दो विभिन्न ताप वाली वस्तुओं को हाथ से छूकर केवल यह बता सकते हैं कि कौन-सी वस्तु अधिक गर्म है या कम गर्म है| हम उनका सही ताप नहीं बता सकते हैं| इसी प्रकार, दो वस्तुओं को अलग-अलग हाथ में उठाकर हम केवल यह बता सकते हैं कि कौन-सी वस्तु भारी है तथा कौन सी हल्की| हम उनका सही द्रव्यमान(भार)नहीं बता सकते हैं| अत: केवल ज्ञानेन्द्रियों के द्वारा किसी राशि के परिमाण की सही-सही जानकारी प्राप्त कर सकना असंभव है|

स्पष्टतः भौतिक राशि के परिमाणात्मक ज्ञान के लिए मापन अत्यंत आवश्यक है|

भौतिक राशियाँ किसे कहते हैं(bhautik Rasiya Kise Kahate Hain)

वह राशि जिसकी माप की जा सकती है, भौतिक राशि कहलाती है|

किसी भी भौतिक राशि की माप को व्यक्त करने के लिए निम्न दो बातें ज्ञात होनी चाहिए:-

1. मात्रक(Unit) - जिसमें भौतिक राशि मापी जाती है|

2. संख्यात्मक मान(Numerical value)- किसी भौतिक राशि का संख्यात्मक मान यह बताता है कि उक्त मात्रक उस भौतिक राशि में कितनी बार शामिल है|

उदाहरण:-  यदि किसी वस्तु का द्रव्यमान 10 किलोग्राम है तो इसका तात्पर्य है कि द्रव्यमान का मात्रक किलोग्राम है तथा उस वस्तु के द्रव्यमान में यह मात्रक दस बार शामिल है|

मूल राशियाँ एवं व्युत्पन्न राशियाँ( fundamental and derived quantities in hindi):

समस्त भौतिक राशियों को दो वर्गों में बांटा जाता है-

1. मूल राशियाँ(fundamental quantities)

2.व्युत्पन्न राशियाँ(derived quantities)

मूल राशियाँ किसे कहते हैं(fundamental quantities) 

वे भौतिक राशियाँ जो एक-दूसरे से स्वतंत्र होती है, मूल राशियाँ कहलाती है| 

मूल राशियाँ कितने प्रकार की होती है? 

मूल राशियाँ निम्नलिखित सात है-

लंबाई, द्रव्यमान, समय, ताप, ज्योति तीव्रता, विद्युत धारा तथा पदार्थ की मात्रा|

मूल राशियों के S.I मात्रक(mul matrak) :-

1. लम्बाई का मात्रक- मीटर(metre) 

2. द्रव्यमान का मात्रक- किलोग्राम(kilogram) 

3. समय का मात्रक- सेकण्ड(second) 

4. ताप का मात्रक – केल्विन(kelvin) 

5. ज्योति-तीव्रता का मात्रक- कैण्डेला(candela) 

6. धारा का मात्रक – एम्पियर(ampere) 

7. पदार्थ की मात्रा का मात्रक- मोल(mole) 

व्युत्पन्न राशियाँ किसे कहते हैं(derived quantities)

वे भौतिक राशियाँ जो मूल राशियों के पदों में व्यक्त की जाती है, व्युत्पन्न राशियाँ कहलाती है|

उदाहरण:- 

 क्षेत्रफल= लम्बाई× चौडाई= (लम्बाई)²

आयतन= लम्बाई×चौडाई×ऊचाई= (लम्बाई)³

चाल = दूरी/समय = लम्बाई/समय

इसी प्रकार अन्य व्युत्पन्न राशियाँ है-  बल,  संवेग, दाब, त्वरण,विद्युत क्षेत्र,चुंबकीय क्षेत्र, विभव, प्रतिरोध,बल आघूर्ण, विशिष्ट ऊष्मा, आवेश,कार्य,आवृत्ति आदि|

यदि आपको हमारे द्वारा दि गई जानकारी अच्छी लगे तो कमेंट करे और पोस्ट को शेयर करें|

Class 12th physics in hindi

> विभव और विभवांतर की परिभाषा मात्रक और विमीय सूत्र

> विद्युत धारा की परिभाषा ,मात्रक और विमीय सूत्र

> प्रतिरोध और प्रतिरोधकता

> धारिता की परिभाषा ,मात्रक और विमीय सूत्र

> प्रकाश का अपवर्तन और उसके नियम

> दर्पण की परिभाषा ,प्रकार और उपयोग

> क्रांतिक कोण की परिभाषा तथा क्रांतिक कोण और अपवर्तनांक में संबंध

> निकट दृष्टि दोष और दूर दृष्टि दोष

Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

बरनौली प्रमेय और आर्किमिडीज का सिद्धांत से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण प्रश्न|Bernoulli's Principle and Archimedes' Principle

बरनौली प्रमेय और आर्किमिडीज का सिद्धांत से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण प्रश्न|Bernoulli's Principle and Archimedes' Principle आज की इस पोस...

Popular post