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मंगलवार, 2 सितंबर 2025

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) – International Space Station in Hindi

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) – International Space Station in Hindi

आज इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International space Station-ISS) के बारे में |बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं है कि अंतरिक्ष में जाने के बाद जो अंतरिक्ष यात्री है वह अंतरिक्ष में अपना रिसर्च कार्य कहां रह कर पूरा करते हैं,तो इस जानकारी के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें|

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) – International Space Station in Hindi
International space station 

मानव सभ्यता ने विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इन्हीं में से सबसे उल्लेखनीय है अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station – ISS)। यह अंतरिक्ष में स्थित सबसे बड़ा कृत्रिम उपग्रह और अनुसंधान प्रयोगशाला है।

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का इतिहास

अमेरिका की NASA, रूस की Roscosmos, यूरोप की ESA, जापान की JAXA और कनाडा की CSA ने मिलकर इस परियोजना की नींव रखी।

* 1998 में इसका पहला मॉड्यूल अंतरिक्ष में भेजा गया।

* समय के साथ विभिन्न देशों ने अपने मॉड्यूल जोड़कर इसे विकसित किया।

* ISS का आकार एक फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है

ISS की कक्षा और गति (Orbit and Speed of ISS)

* ISS पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर की ऊँचाई पर परिक्रमा करता है।

* यह हर 90 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर लगाता है।

* इसकी गति लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटा है।

* यानी, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन प्रतिदिन लगभग 16 बार पृथ्वी की परिक्रमा करता है।

ISS पर जीवन (Life on International Space Station)

अंतरिक्ष यात्री (Astronauts) कई महीनों तक ISS पर रहते हैं। उनका जीवन पृथ्वी से बिल्कुल अलग होता है।

भोजन (Food in ISS): विशेष पैक किया हुआ खाना मिलता है।

नींद (Sleeping in ISS): शून्य गुरुत्वाकर्षण में दीवार से बंधे हुए स्लीपिंग बैग में सोना पड़ता है।

व्यायाम (Exercise): हड्डियों और मांसपेशियों को सुरक्षित रखने के लिए रोज़ 2 घंटे व्यायाम अनिवार्य है।

पानी (Water Recycling): स्टेशन पर पानी का पुनर्चक्रण होता है, यहाँ तक कि सांस और पेशाब की नमी भी दोबारा उपयोग में लाई जाती है।

वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research on ISS)

ISS को अंतरिक्ष की प्रयोगशाला (Space Laboratory) कहा जाता है। यहाँ कई महत्वपूर्ण शोध कार्य किए जाते हैं:

1. मेडिकल रिसर्च: शून्य गुरुत्वाकर्षण में शरीर पर प्रभावों का अध्ययन।

2. कृषि अनुसंधान: अंतरिक्ष में पौधों की खेती के प्रयोग।

3. भौतिकी और रसायन: धातु, द्रव और गैसों के व्यवहार का अध्ययन।

4. पृथ्वी और जलवायु: मौसम और जलवायु परिवर्तन का निरीक्षण।

भारत और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन

भारत सीधे तौर पर ISS परियोजना का हिस्सा नहीं है। लेकिन ISRO अंतरिक्ष अनुसंधान में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत का गगनयान मिशन इस दिशा में एक बड़ा कदम है।

भविष्य में भारत अपना खुद का अंतरिक्ष स्टेशन भी विकसित करने की योजना बना रहा है।

ISS का महत्व (Importance of ISS)

1. वैज्ञानिक शोध का अवसर – ऐसी प्रयोगशाला पृथ्वी पर संभव नहीं।

2. मानवता का भविष्य – अन्य ग्रहों पर जीवन बसाने की दिशा में कदम।

3. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग – विज्ञान को जोड़ने का प्रतीक।

4. शिक्षा और प्रेरणा – नई पीढ़ी को विज्ञान की ओर आकर्षित करना।

चुनौतियाँ (Challenges of ISS)

* रखरखाव की बहुत अधिक लागत।

* अंतरिक्ष कचरा (Space Debris) से टकराने का खतरा।

* लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव।

निष्कर्ष

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station) मानवता की महान उपलब्धियों में से एक है। यह न केवल विज्ञान की प्रगति का केंद्र है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि जब देश आपस में सहयोग करते हैं तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

भविष्य में चाहे मंगल मिशन हो या चंद्रमा पर कॉलोनी बसाना, ISS को हमेशा एक मील का पत्थर (Milestone in Space Research) माना जाएगा।

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रविवार, 12 जनवरी 2025

धूमकेतु, क्षुद्र ग्रह और उल्का पिंड से संबंधित जानकारी|solar system important knowledge

धूमकेतु, क्षुद्र ग्रह और उल्का पिंड से संबंधित जानकारी|solar system important knowledge

आज की इस पोस्ट में हम लघु सौरमंडलीय पिंड प्लूटो(Pluto),क्षुद्र ग्रह (Asteroids),धूमकेतु (Comet), उल्का (Meteors) के बारे में जानकारी पढ़ने वाले हैं|प्लूटो की खोज किसने की? प्लूटो को ग्रह की श्रेणी से क्यों बाहर किया गया? उल्का पिंड क्या है?क्षुद्र ग्रह किसे कहते हैं?

Solar system important knowledge 

प्लूटो(Pluto) किसे कहते हैं?

• यम/प्लूटो की खोज वर्ष 1930 में "क्लाइड टॉमबैग" ने की थी। इसे बौना ग्रह कहा जाता है।
• IAU ने इसका नया नाम 134340 रखा है।
• प्लूटो को ग्रह की श्रेणी से निकाले जाने के प्रमुख कारण :-
1. आकार में चन्द्रमा से छोटा होना ।
2. वरुण की कक्षा को काटना या ओवरलैप करना ।
3. इसकी कक्षा का वृत्ताकार नहीं होना ।

क्षुद्र ग्रह (Asteroids) किसे कहते हैं?

• मंगल तथा बृहस्पति ग्रह की कक्षाओं के मध्य कुछ छोटे छोटे आकाशीय पिंड, जो सूर्य की परिक्रमा कर रहे है, क्षुद्र ग्रह कहलाते है, क्षुद्र ग्रह जब पृथ्वी से टकराते है, तब पृथ्वी पर विशाल गर्त बनता है। (लोनार झील महाराष्ट्र)
• फोर वेस्टा :- इस क्षुद्र ग्रह को नंगी आँखों से देखा जा सकता है।

धूमकेतु (Comet) किसे कहते हैं?

• सौरमंडल पर छोटे छोटे अरबों पिंड, धूमकेतु या पुच्छल टारे कहलाते है, यह गैस और धूल के पिंड, जो आकाश में लम्बी चमकदार पूंछ रूप में दिखाई देते है।
• हेली पुच्छल तारा 76 वर्षों के अंतराल के बाद दिखाई पड़ता है अंतिम बार 1986 में देखा गया था, उल्लेखनीय यह है की यह 2062 में पुनः दिखाई देगा ।

उल्का (Meteors) पिंड किसे कहते हैं?

• उल्काएं प्रकाश की चमकीली धारी के रूप में दिखाई देती है जो आकाश में क्षणभर के लिए चमकती है और लुप्त हो जाती है, यह क्षुद्र ग्रहों के टुकड़े व् धूमकेतु द्वारा पीछे छोड़ गए धूल के कण होते है।

इसके बारे में भी पढ़े:-

> Solar system 90 important question answer 

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रविवार, 7 अप्रैल 2024

सौर मंडल से संबंधित 90 महत्वपूर्ण प्रश्न|solar system in hindi

सौर मंडल से संबंधित 90 महत्वपूर्ण प्रश्न|solar system in hindi

आज की इस पोस्ट में हम science के बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक सौरमंडल (solar system) के बारे में पढ़ने वाले है| इसमें हम सौर मंडल(saur mandal) से संबंधित प्रश्नों को पढ़ेंगे जो सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है|

सौर मंडल से संबंधित 90 महत्वपूर्ण प्रश्न|solar system in hindi
Solar system

solar system question answer| अंतरिक्ष विज्ञान प्रश्नोत्तरी

1. सौरमंडल की खोज किसने की – कॉपरनिकस

2. सूर्य सौरमंडल के केंद्र पर है और पृथ्वी उसके चारों ओर परिक्रमा करती है यह पता सर्वप्रथम किसने लगाया- कॉपरनिकस

3. सौरमंडल का प्रधान कौन होता है – सूर्य

4. सौर मंडल में समस्त ऊर्जा किससे प्राप्त होती है -  सूर्य से

5. सूर्य में ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है -  नाभिकीय संलयन अभिक्रिया

6. सूर्य किन गैसों का गोला है -  हाइड्रोजन व  हीलियम

7. सूर्य के रासायनिक मिश्रण में हाइड्रोजन का प्रतिशत कितना है – लगभग 71%

8. सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में कितना समय लगता है-  लगभग 8.3 मिनट

9. निर्वात में प्रकाश की चाल कितनी है – लगभग 3 × 108 m/sec ( 3 लाख km/sec) 

10. सूर्य की बाहरी परत को क्या कहते हैं -  किरीट या कोरोना

11. पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन सा भाग दिखाई देता है –  किरीट

12. हमारा सौरमंडल जिस आकाशगंगा में स्थित है उसका नाम क्या है – मंदाकिनी

13. सूर्य की परिक्रमा करने वाले पिंड क्या कहलाते हैं -  ग्रह

14. ग्रहों की परिक्रमा करने वाले पिंड क्या कहलाते हैं – उपग्रह

15. सौरमंडल में ग्रहों की संख्या कितनी है – 8

16. यम (Pluto) ग्रह की मान्यता कब समाप्त की गई- 24 अगस्त, 2006

17. सूर्य से दूरी के अनुसार ग्रहों का क्रम – बुध ,शुक्र ,पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण

18. सौरमंडल के आंतरिक ग्रह या स्थलीय ग्रह ( पार्थिव ग्रह )कौन-कौन से हैं- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल

19. जोवियन ग्रह कौन-कौन से हैं – बृहस्पति ,शनि ,अरुण और वरुण

20. सूर्य का सबसे निकट ग्रह कौन-सा है-  बुध(mercury) 

solar system questions and answers| सौरमंडल प्रश्नोत्तरी

21. कौन- सा ग्रह सूर्य की परिक्रमा सबसे कम समय में पूरी करता है- बुध

22. बुध ग्रह सूर्य की एक परिक्रमा कितने समय में पूरी करता है – 88 दिन

23. वे कौन से ग्रह है जिनके एक भी उपग्रह नहीं है –  बुध और शुक्र

24. किस ग्रह को पृथ्वी की बहन कहा जाता है -  शुक्र ग्रह(Venus planet) 

25. “सौंदर्य का देवता ” किस ग्रह को कहा जाता है – शुक्र

26. किस ग्रह को “भोर का तारा” तथा “शाम का तारा”(evening star) कहा जाता है-  शुक्र ग्रह

27. सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह कौन सा है -  शुक्र

28. सौरमंडल का सबसे चमकदार ग्रह कौन सा है -  शुक्र

29. पृथ्वी के सर्वाधिक निकट कौन सा ग्रह है – शुक्र

30. कौन सा ग्रह बनावट व आकार में पृथ्वी के समान है -  शुक्र ग्रह

31. पृथ्वी सूर्य से तीसरा ग्रह है, तथा यह  किन ग्रहों के बीच में स्थित है-  शुक्र तथा मंगल ग्रह

32. सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे नजदीकी तारा कौन सा  - प्रॉक्सिमा सेंचुरी(4.2 प्रकाश वर्ष) 

33. नीला ग्रह (Blue planet ) किसे कहा जाता है -  पृथ्वी(earth) 

34. पृथ्वी पर दिन व रात होने का कारण क्या है – पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना ( घूर्णन गति) 

35. पृथ्वी अपने अक्ष पर किस दिशा में घूमती है - पश्चिम से पूर्व की ओर

36. पृथ्वी अपने अक्ष पर कितना झुकी है- 23½° 

37. पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में लगे समय को क्या कहते हैं – सौर वर्ष

38. प्रत्येक सौर वर्ष या कैलेंडर वर्ष में कितना समय बढ़ जाता है – 6 घण्टे

39. पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह कौन सा है – चंद्रमा(moon) 

40. चंद्रमा, पृथ्वी की एक परिक्रमा कितने समय में पूरी करता है – लगभग 27 दिन 8 घंटे

41. किस उपग्रह को “जीवाश्म ग्रह” कहा जाता है – चंद्रमा

42. कौन से खगोलीय पिंड को “रात की रानी” कहा जाता है – चंद्रमा

43. किस आकाशीय पिंड को “पृथ्वी पुत्र” कहा जाता है -  चंद्रमा

44. चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल का कितना गुना होता है – 1/6 गुना

45. चंद्रमा की सतह और उसकी आंतरिक स्थिति का अध्ययन करने वाले विज्ञान को क्या कहते हैं- सेलेनोलॉजी

46. चंद्रमा पर पहली बार अंतरिक्ष यात्री किस यान से गए थे – अपोलो 11

47. चंद्रमा का सबसे ऊंचा पर्वत कौन सा है – लिबनिट्ज पर्वत

48. किस दिन पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट होती है – 3 जनवरी(उपसौर) 

49. किस दिन पृथ्वी सूर्य से अधिकतम दूरी पर होती है- 4 जुलाई(अपसौर) 

50. सूर्य ग्रहण कब होता है -  जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है| ( अमावस्या को) 

51. चंद्र ग्रहण कब होता है -  जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है| ( पूर्णिमा को) 

52. किस ग्रह को लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है – मंगल ग्रह(Mars planet) 

53. मंगल ग्रह के 2 उपग्रह – फोबोस और डीमोस

54. सौरमंडल का सबसे ऊंचा पर्वत कहां स्थित है -  मंगल ग्रह पर

55. निक्स ओलंपिया कोलंपस पर्वत      ( ओलम्पस मोन्स) किस ग्रह पर स्थित है – मंगल ग्रह

56. सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह कौन- सा है – बृहस्पति(Jupiter) 

57. मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच सूर्य की परिक्रमा करने वाले खगोलीय पिंड क्या कहलाते हैं – क्षुद्रग्रह

58. बृहस्पति ग्रह की खोज किसने की – गैलीलियो ने

59. बृहस्पति ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में कितना समय लगता हैं- लगभग 12 वर्ष

60. सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह कौन सा है - गैनिमीड 

Solar system important question answer

61. सौरमंडल का सबसे छोटा उपग्रह कौन सा है – डीमोस(मंगल ग्रह का उपग्रह) 

62. किस ग्रह के चारों ओर वलय(Rings) होते हैं-  शनि ग्रह

63. शनि ग्रह के वलय की खोज किसने की – गैलीलियो

64. “टाइटन”(Titan moon) किस ग्रह का उपग्रह है-  शनि ग्रह

65. अरुण( यूरेनस) ग्रह की खोज किसने की - विलियम हर्शेल

66. किस ग्रह को लेटा हुआ ग्रह कहते हैं-  अरुण ग्रह(Uranus planet) 

67. सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह कौन- सा है – वरुण( Neptune planet) 

68. कौन सा ग्रह हरे रंग का प्रकाश उत्सर्जित करता है -  वरुण(नेप्चयून)

69. ग्रहों के गति संबंधी नियम किसने दिये- केपलर ने

70. बिग बैंग सिद्धांत किससे संबंधित है – ब्रह्मांड की उत्पत्ति से 

71. बिग बैंग का सिद्धांत किसने दिया था- जॉर्ज लेमैत्रे

72. ब्रह्मांड में विस्फोटी तारा क्या कहलाता है -  अभिनव तारा

73. सौरमंडल का सबसे चमकीला तारा कौन सा है - सीरियस

74. हैली धूमकेतु का आवर्तकाल कितना होता है – 76 वर्ष

75. अंतरिक्ष में कुल कितने तारामंडल है – 89

76. सबसे बड़ा तारामंडल कौन सा है -  हाइड्रा तारामंडल

77. किस देश में अर्धरात्रि को सूर्य दिखाई देता है -  नार्वे(यूरोप महाद्वीप का देश) 

78. ग्लोब ( पृथ्वी का नमूना)  का आविष्कार किसने किया था-मार्टिन बेहेम

79. अंतरिक्ष यात्रियों को आकाश किस रंग का दिखाई देता है – काला

80. अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम व्यक्ति कौन थे-  यूरी गागरिन

81. अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम महिला कौन थी-  वेलेंटीना तेरेश्कोवा

82. अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति कौन थे-  राकेश शर्मा

83. अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला- कल्पना चावला

84.ISRO  का पूरा नाम – Indian Space Research Organization

85. ISRO का गठन कब हुआ था -1969

86. ISRO का मुख्यालय कहां है – बेंगलुरु

87. तारों के मध्य की दूरी ज्ञात करने की इकाई-  प्रकाश वर्ष

88. तारों का रंग किसका सूचक है - उसके ताप का

89. तारों के टिमटिमाने का क्या कारण है -  प्रकाश का अपवर्तन

90. आकाश नीला दिखाई देता है क्यों-  प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण

91. सूर्य से दूरी के क्रम में मंगल ग्रह कौन से स्थान पर है? - चौथे

92. मंगल ग्रह सूर्य की परिक्रमा कितने दिन में पूरी करता है? - 687 दिन

93. मंगल ग्रह की सतह पर उतरने वाला पहला यान कौन सा है? - वाइकिंग -1

अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो कमेंट करें और पोस्ट को शेयर करें|

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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

प्रकाश की चाल और चंद्रमा से प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में कितना समय लगता है

 प्रकाश की चाल(speed of light in Hindi) 

आज इस पोस्ट में हम प्रकाश की चाल(speed of light), पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी तथा चंद्रमा से प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में कितना समय लगता है इसकी पूरी calculation  को हम समझने वाले हैं|इस पोस्ट को पूरा पढ़ें और दी गई जानकारी यदि अच्छे लगे तो कमेंट करें और शेयर करें|


प्रकाश की चाल और चंद्रमा से प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में कितना समय लगता है
Speed of light in vacuum

 निर्वात में प्रकाश की चाल(speed of light in vacuum) :

हम जानते हैं प्रकाश की चाल अलग-अलग माध्यमों में अलग-अलग होती है| हम यहां बात करेंगे निर्वात में प्रकाश की चाल कितनी होती है| निर्वात(vacuum) उस स्थान को कहा जाता है जहां वायु ना हो|
[ Note-प्रकाश तरंगें निर्वात में गमन कर सकती है किंतु ध्वनि तरंगे निर्वात में गमन नहीं कर सकती है| इसीलिए स्पेस में हम किसी की आवाज को सुन नहीं सकते हैं| ]
 निर्वात में प्रकाश की चाल = 3 × 10^8 m/sec  
अतः निर्वात में प्रकाश 1 सेकंड में 30 करोड़ मीटर की दूरी तय कर सकता है| 
यदि हम इस दूरी को किलोमीटर में बदलना चाहे तो हम जानते हैं 1 किलोमीटर में 1000 मीटर होते हैं अतः हमें 1000 से भाग देना होगा|
अतः किलोमीटर में प्रकाश की चाल= 3 × 10^5 km/sec   (3 लाख km/sec) 

 पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी( Prithvi se Chandrama ki Duri ) :

पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी(distance) लगभग 384400 km है|

चंद्रमा से प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में कितना समय लगता है? 

सबसे पहले तो आपको यह पता होना चाहिए कि चंद्रमा का जो प्रकाश है, जिसके कारण चंद्रमा हमें चमकता हुआ दिखाई देता है| वह उसका खुद का प्रकाश नहीं होता है|
चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके पृथ्वी पर भेजता है जिसके कारण चंद्रमा हमें चमकदार दिखाई देता है|

हमने सूत्र चाल = दूरी / समय के बारे में पढ़ा है| यदि हम चंद्रमा से प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में लगे समय की गणना करना चाहते हैं, तो हमें इसके लिए light ki speed (चाल) तथा earth  और moon  के बीच की distance (दूरी) के बारे में पता होना आवश्यक है|
Calculation:-
 Formula-      Speed = Distance/Time
                         Time = Distance/speed

     Earth to moon distance  = 384400 km 
           speed of light is = 300000km/sec

                  Time = 384400/300000 
                  Time = 1.3 sec
अतः चंद्रमा से प्रकाश को पृथ्वी तक पहुंचने में लगभग 1.3 सेकण्ड का समय लगता है|
 इनके बारे में भी पढ़ें:
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रविवार, 19 अप्रैल 2020

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन| International space Station

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन| International space Station

हेलो दोस्तों,  
   आज इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International space Station) के बारे में |बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं है कि अंतरिक्ष में जाने के बाद जो अंतरिक्ष यात्री है वह अंतरिक्ष में अपना रिसर्च कार्य कहां रह कर पूरा करते हैं,तो इस जानकारी के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें|


अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन| International space Station
अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन

स्पेस स्टेशन क्या हैै(Space Station kya hai) 

स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में मानव निर्मित एक ऐसी प्रयोगशाला है जिसमें अंतरिक्ष यात्री रहकर अपने रिसर्च कार्य पूरा करते हैं| अंतरिक्ष में  स्पेस स्टेशन बनाने का कारण यह है कि बहुत से रिसर्च कार्य ऐसे हैं जो पृथ्वी पर संभव नहीं है और अंतरिक्ष की दुनिया रहस्यों से भरी हुई है| स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में एक ऐसा प्लेटफार्म है जहां रहकर अंतरिक्ष यात्री इन रहस्यों का पता लगाते है |
 अभी वर्तमान में दो स्पेस स्टेशन कार्यरत है जिसमें चीन का तियांगोंग-2 और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (international space station) |

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन क्या है(International Space Station kya hai):

इस स्पेस स्टेशन को 16 देशों ने मिलकर बनाया है लेकिन इन देशों में भारत शामिल नहीं है| इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को कई हिस्सो में अंतरिक्ष मे भेजा गया | इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का पहला हिस्सा 20 नवंबर 1998 को लांच किया गया | बाद में वैज्ञानिकों द्वारा इन हिस्सो को अंतरिक्ष में ही जोड़ा गया | नवंबर 2000 से लगातार इसमें अंतरिक्ष यात्रियों की उपस्थिति बनी हुई है| इस स्पेस स्टेशन को पृथ्वी की लो अर्थ आर्बिट में स्थापित किया गया है जिसकी पृथ्वी सतह से ऊंचाई लगभग 350 km है | लगभग 28 हजार किमी/घण्टे की स्पीड से यह 90 मिनट मे पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरा करता है इस प्रकार यह एक दिन में पृथ्वी की 16 परिक्रमा पूरी करता है | इस स्पेस स्टेशन मे 6 अंतरिक्ष यात्री एक बार में रह सकते हैं | इस स्पेस स्टेशन का आकार एक फुटबॉल ग्राउंड जितना बड़ा है |

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन| International space Station
International space station

बिना ग्रेविटी के कैसे सोते हैं अंतरिक्ष यात्री :

अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल कार्य नहीं करता है यानी कि सारी चीजें वहां हवा में तैरती है फिर अंतरिक्ष यात्री हवा में सोते कैसे हैं? स्पेस स्टेशन मैं अंतरिक्ष यात्रियों के सोने के लिए स्लीपिंग स्पेस बने होते हैं जहां उनके सभी जरूरी सामान रखे होते हैं जो हवा में तैरते हैं यही उनका छोटा सा ऑफिस होता है | सोने के लिए एस्ट्रोनॉट को खुद को एक स्लीपिंग बैग के अंदर पेक करना पड़ता है ताकि वह एक जगह स्थिर रह सके |

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन| International space Station
Space station 

केसे होता है स्पेस में ब्रेकफास्ट:

 ब्रेकफास्ट के लिए स्पेस में भी घर की तरह एक किचन होता है जहां सभी खाने की वस्तुएं डिहाइड्रेट फॉर्म में मौजूद होती है यह स्पेशल खाना अमेरिका, रूस और जापान का बना होता है|

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन| International space Station
ISS   credit: Wikimedia

इनकेेे बारे में भी पढ़े:
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बुधवार, 15 अप्रैल 2020

अंतरिक्ष विज्ञान प्रश्नोत्तरी|space science|प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न

अंतरिक्ष विज्ञान प्रश्नोत्तरी|space science|प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न

आज की इस पोस्ट में हम अंतरिक्ष विज्ञान(space science) से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्नों को पढ़ने वाले है|
अंतरिक्ष विज्ञान से सम्बन्धित ये सभी प्रश्न mptet,ctet,reet, railway  आदि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है|

अंतरिक्ष विज्ञान प्रश्नोत्तरी|space science|प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न
Space science

अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न|mptet varg 3 अंतरिक्ष विज्ञान

1.PSLV का पूरा नाम- polar satellite launch vehicle

2. GSLV का पूूरा नाम -  Geosynchronous Satellite Launch Vehicle

3. ISRO  का पूरा नाम-  Indian Space Research Organisation

4. ISRO  का मुख्यालय कहां है- बेंगलुरु

5. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(ISRO)  का गठन कब हुआ था- 1969

6. अंतरिक्ष विभाग की स्थापना कब हुई थी- 1972

7. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक किसे कहा जाता है- विक्रम साराभाई

8. विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र- त्रिवेंद्रम (केरल)

9. भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) की स्थापना- ट्रांबे (मुम्बई), 1954 में

10. इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) की स्थापना- कलपक्कम (मद्रास) , 1971

11. भारत का उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र- श्रीहरिकोटा( आंध्र प्रदेश)

12.अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम व्यक्ति कौन थे- यूरी गागरिन

13. अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम महिला- वेलेन्टीना तेरेश्कोवा

14. अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय व्यक्ति-   राकेश शर्मा

15. अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय महिला-  कल्पना चावला

16. अंतरिक्ष में जाने वाली दूसरी भारतीय महिला- सुनीता विलियम्स

17. चंद्रमा पर मनुष्य को उतारने वाला पहला देश-  अमेरिका

18. चंद्रमा की सतह पर पैर रखने वाला पहला व्यक्ति-  नील आर्मस्ट्रांग

19. नील आर्मस्ट्रांग किस यान से चंद्रमा पर गये थे- अपोलो 11

20. संचार उपग्रह का आवर्तकाल कितना होता है- 24 घंटे
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